चाहत
चाह आनो से पैसो में आती रही।
चाह पैसों से नोटों बनाती रही ।
चाह नोटों से गड्डी चुनती रही।
चाह गड्डी से मोटर में आती रही।
चाह मोटर से होटल में जाती रही।
चाह होटल में बोतल खुलाती रही।
चाह क्या-क्या न करती कराती रही।
चाह पा ली जिन्होंने पिले हुए।
चाह छोड़ी जिन्होंने रसीले हुए।
चाह जी से लगा जी जरा हो गया।
चाह हर से लगा जी हरा हो गया।
चाह उनके हमे हर कदम चाहिए।
वे अगर चाह ले तो फिर क्या हमें चाहिए।
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