अपने ताकत को पहचानो "Recognize your Strength"
प्रकृति ने प्रत्येक व्यक्ति को कुछ विशेषताएँ और गुण प्रदान किए हैं ।तो स्वाभाविक तौर पर कुछ कमियाँ भी। यद्यपि यह तय है कि हमारी कमियाँ या खूबियाँ समय के साथ बदलती रहती हैं। और कुछ प्रयासों से अपनी कमियों और नुकसान पहुँचानेवाली आदतों से निजात भी पाई जा सकती है। परंतु इसके लिए खुद को पहचानना और खुद के प्रति एक समझ विकसित करना जरूरी है। दूसरे शब्दों में इसी को ' और आत्म -निरीक्षण (Self-inspection) या ' आत्मान्वेषण ' कहते हैं , दूसरे आत्म-निरीक्षण के लिए उपदेश देना जितना आसान है उसे व्यावहारिक तौर पर खुद अमल में लाना उतना ही कठिन है । खुद का अन्वेषण और विश्लेषण(Analysis )करना बड़ी हिम्मत का काम हैइसमें अपने आप को वीआईपी समझने वाला व्यक्ति भी इस काम में असफल हो जाते हैं। इसका सीधा सा मनोवैज्ञानिक कारण यह है ।कि हम ऐसे लोगों का साथ ज्यादा पसंद करते हैं। जो हमें एप्रिशिएट करता रहे या हमारी कमियों को नजरअंदाज करें अपने आलोचकों का सम्मान करने का साहस तो बहुत कम ही लोगों में होता इन बातों को समझ कर अनिवार्य है ।की हमारे व्यक्तित्व मैं खुद की ताकत और कमजोरियों को पहचान ने का हुनर शामिल होना चाहिए ।यदि हमें समय के साथ यह मालूम हो जाए तो अपनी विशेषताओं एवं गुणों को और निकाला जा सकता है। और कमियों पर होमवर्क करके उन्हें काफी हद तक बेअसर किया जा सकता है।
आप हमेशा मुस्कुराते एवं खुश रहें...


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