असफलता से सीखो



यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है।(Failure is success if we learn from it.)और इससे सीखने का प्रयास करना चाहिए।
मानव जाति के इतिहास में एक ऐसा उदाहरण नहीं मिलेगा जिसमें किसी मानव ने अपने जीवन में कभी असफलता का स्वाद चखा न हो  बस अंतर यही है कि  कमजोर सोच के लोग असफलता को मृत्यु तुल्य(Like death)  मानकर विषादके  (Depression)  दलदल में अपने उत्साह को नष्ट करके आंसू गिराते थक कर बैठ जाते हैं मजबूत इरादों के लोग अपनी असफलताओं से भी भी  सीख कर दोगुने उत्साह से उमंग पूर्व लक्ष्य एवं प्राप्ति हेतु एक्टिव हो जाते हैं । असफलता का मतलब यह नहीं कि आप फेल हैं अभी तक आप सफल नहीं हुए हैं ( Failure doesn't mean you are a failure, it just means you haven't succeeded yet.) यहां दो धारणाएं है एक नेगेटिव दूसरा प्रोजेक्ट जो लोग असफल होने पर कंडीशन ,देश, समय संसाधन तथा भाग्यके ऊपर दोषारोपण करके स्वयं को बचाने का प्रयास करते हैं वे कहते हैं कि मैं ने तो पूरा प्रयास किया काम ना बना तो इसमें क्या दोष है यह नेगेटिव थिंकिंग के लोग हैं जबकि असफल होने पर भी पॉजिटिव सोचने वाले व्यक्ति विचार करता है सूक्ष्म निरीक्षण करता है प्रयास करने में मेरी कहां कमी है असफलता  हमारी स्थिति का सही बोध कराती है
स्टूडेंट एग्जाम में फेल होने पर, यदि ऐसे कह कर बचे कि हम क्या करें  तो समझना की ए अब  गलत दिशा में सोच रहे हैं सावधानी में कमी असफलता अथवा बुरा समय हमें हमारे सच्चे अस्तित्व का ,शत्रु मित्र का अपने - पराए  का ज्ञान कराता है असफलता अनुभव देकर जाती है असफलता आत्म विश्लेषण( Self analysis)का आत्म केंद्रित स्वाध्याय काल (Self-study time) है।
सच बताएं हमारी जिंदगी में असफलता अथवा सफलता का उतना महत्व नहीं है जितना कि आपके जीवन का उद्देश्य क्या है इस बात से है
एग्जाम में फेल होने पर, इंटरव्यू में सिलेक्शन ना होने पर, इलेक्शन  में हारने पर, अपने प्रियजनों (near & dear ones) द्वार धोखा मिलने पर और  जितने भी बुरे से बुरे समय आ जाए उस समय बिखरे बिना रोए बिना घबराए बिना शांत होकर एकांत में बैठो झंझावातभरी इस तूफानी उफनती जीवन नदी में खुद के डगमगाती आत्मविश्वास रूपी नौका को देखो स्वयं ही देखो देखते देखते खुद से एक question करो दर्पण में खुद को देखाकर पूछोगे तो और अच्छा होगा शांत भाव से अपने आपसे पूछो कि मैं दुनिया में पहला व्यक्ति हूं जिसके साथ ये परिस्थिति बनी है क्या इससे पहले किसी और इंसान के जीवन में ऐसा कष्ट नहीं आया उत्तर को संभलकर मन में रखो शांति मिलेगी क्योंकि आपके जहन में उत्तर आएगा तो  न मैं पहला व्यक्ति जिसके साथ या घटना घट रहा है और ना तो मैं अंतिम व्यक्ति हूं करोड़ के साथ हुआ करोड़ों बार हुआ तब घबराहट से समाधान  नहीं निकलेगा। आंसू गिराना समाधान नहीं उठो समग्र शोक चिंता निराशा को  झटककरकर उतार फेंको और आत्मविश्वास की डगमगाती नौका को  धैर्य की पतवार से को धीरे धीरे धीरे सुरक्षित किनारों लगाओ ।

आप मुस्कुराते रहें तो मेरा राष्ट्र भी मुस्कुराते रहेगा...

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