आत्महत्या क्यों ?
* दुख को अवसाद न समझे
दुख की स्थिति अवसाद या डिप्रेशन नहीं है। डिप्रेशन में पीड़ित व्यक्ति में काम करने की इच्छा खत्म हो जाती है। पीड़ित व्यक्ति के मन में हीन भावना व्याप्त हो जाती है। व्यक्ति को यह महसूस होता है कि जीवन जीने से कोई फायदा नहीं है। वह हताश और असहाय महसूस करता है। ऐसी दशा में पीड़ित शख्स आत्महत्या की कोशिश कर सकता है।
आत्महत्या के विचारों से बचने के लिए शारीरिक, मानसिक स्तर पर कुछ सुझावों पर अमल करने की जरूरत है।शारीरिक स्तर पर समय पर सोना और एक निश्चित समय पर उठना जरूरी है। नियमित रूप से व्यायाम करें और संतुलित पौष्टिक आहार ग्रहण करें। शराब और धूमपान से बचें।
परिजनों के साथ वक्त बिताएं। उनके साथ अपनी बातों को साझा करें। उनकी कोई समस्या हो तो उसे सुलझाने में उनकी मदद करें। इसी तरह अपने प्रियजनों और दोस्तों के लिए भी वक्त निकालें। इससे जहां आप एक-दूसरे की समस्या को समझ सकेंगे, वहींआपसी प्रेम भी बढ़ेगा। इसके अलावा मेडिटेशन और योग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें। कोई हॉबी विकसित करें। संगीत सुनें या फिर खेलकूद से संबंधित गतिविधियों में भाग लें।
* सुसाइड करने से रोके *
यह सही है कि आत्महत्या या इसका प्रयास करने वाला शख्स किसी को बताकर आत्महत्या या इसका प्रयास नहीं करता, लेकिन आत्महत्या की बात सोचने वाले व्यक्ति की मनोदशा असामान्य हो जाती है। वह डिप्रेशन में जा सकता है। परिजनों और लोगों से कटा-कटा महसूस करता है, हताश महसूस करता है और उसके दिमाग में नकारात्मक विचार मंडराते रहते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति के परिजनों को सजग हो जाना चाहिए। उन्हें रोगी के साथ हमदर्दी रखनी चाहिए।
आत्महत्या का विचार मन में लाने वाले व्यक्ति की मनोदशा जीवन और मृत्यु की दुविधा में झूलती रहती है। वह दिल से तो जीना चाहता है, लेकिन उसे अपनी तकलीफों का अंत आत्महत्या में ही दिखता है। इस कारण वह गलत निर्णय ले बैठता है। ऐसे में परिजन यदि उसकी तकलीफों को पहले से ही समझ लें और उसकी सहायता करें तो रोगी सहज रूप से जीवन जीना स्वीकार कर लेता है। जब व्यक्ति असामान्य व हताश महसूस करे तो उसे तब तक अकेला न छोड़ें, जब तक मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध न हो जाए। आपका यह छोटा सहयोग एक जीवन को बचा सकता है।
यह मानव शरीर मिलना बहुत ही दुर्लभ है इसे यूं ही गंवाया न करो । इस धरती पर कुछ करने के लिऐ आए हो तो उठो जागो और अपनी ताकत को पहचान कर अपने भविष्य रूपी कागज पर कलम रूपी कर्म से अपने भविष्य को स्वर्णिम अक्षर में लिखो।👍
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